अपने आप गर्भपात होने का कब होता हैं खतरा,, जाने लीजिये

विशेषतौर पर मां के लिए प्रेगनेंसी के बाद गर्भपात होना बहुत मुश्किल समय होता है. ज्यादातर मामलों में महिलाओं को गर्भपात की वजह माना जाता है. इस बारे में डॉक्टर्स ऐसा नहीं मानते हैं.
कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.
थायराइड की वजह से गर्भपात
हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी होने पर भी गर्भपात का खतरा अधिक होता है. थायराइड हार्मोन जब उच्चतम स्तर पर होता है, तो गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है. थायरायइड की बीमारी महिला में एस्ट्रोजन हार्मोन को प्रभावित करती है. इसकी वजह से भी गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है.
डायबिटीज और गर्भपात
जो महिला डायबिटीज की शिकार होती है उसमें भी गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है. डायबिटीज की वजह से इंसुलिन का स्तर प्रभावित होता है जो गर्भपात का कारण बनता है.
गर्भपात से बचने के लिए क्या करें
इस मामले में डॉक्टर भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाते हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्रेगनेंसी से पहले और प्रेगनेंसी के समय कुछ सावधानियों से गर्भपात से बचा जा सकता है. गर्भधारण करने से पहले सभी जरूरी टेस्ट करवा लेना चाहिए. प्रेगनेंसी के समय खान-पान और लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है.
अगर आप प्रेगनेंसी के लिए तैयारी कर रही हैं तो धूम्रपान करना बंद कर दें.
गर्भावस्था से पहले पति और पत्नि दोनों को सिगरेट और अल्कोहल जैसे नशे को छोड़ देना चाहि
अपने आप गर्भपात होने का कब होता हैं खतरा,, जाने लीजिये अपने आप गर्भपात होने का कब होता हैं खतरा,, जाने लीजिये Reviewed by Hindi Khabar on May 17, 2020 Rating: 5
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